Tuesday, March 31, 2020

Tum Hardafa Ho

Tum Hardafa Ho
तुम नया एहसास हो
जन्नती बरसात हो
तुम नया एहसास हो
जन्नती बरसात हो
धूप जितनी है सुबह की
उतने मेरे पास हो
तुम हसीं लम्हात हो
राहतों की बात हो
ख्वाबों को रख के लबों पे
गुनगुनाती रात हो
तुम हो दिन के उजालो में भी
रब सा खयालों में भी
तुम हरदफा हो
तुम हो मेरी आवाज़ों में भी
बिन बोले वादों में भी
तुम हरदफा हो
हाँ साथ में मेरे रात बिताने
नींद की तरह आओ सिरहाने
तुम मेरी मुस्कान हो
तुम ही मेरी जान हो
मैं हूँ पल बेचैनियों का
तुम मेरा आराम हो
तुम हो दिन के उजालो में भी
रब सा खयालों में भी
तुम हरदफा हो
तुम हो मेरी आवाज़ों में भी
बिन बोले वादों में भी
तुम हरदफा हो
मैं बहना चाहूँ

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